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अहसास

by Madhuri Dubey
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Ehsas Story

भूल नहीं पाती हूं

तुम्हारे स्पर्श का वो  अहसास,

जो मेरे मन के हर,

कोने से निकाल देता है,

थके होने का अहसास

मुझ में भर देता है

शक्ति ऊर्जा बहुत दिनों के लिए।।

सोचती हूं क्यूँ मैं नहीं हूं तुम्हारी तरह,

शांत धैर्यवान

जो बिगड़ी बात को बना दे,

मन के हर कोने में भर दे स्नेह,

कड़वाहट की आखिरी बूंद तक मन से हटा दे।।

वह जो हमें देती है निरंतर,

आगे बढ़ने की प्रेरणा,

तूफानों से लड़ने की ताकत,

क्या ऐसी ममतामई मां कहीं है,

नहीं ऐसी मां तो किसी की भी नहीं है।

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